सूर्य षष्ठी व्रत 2025: 28 अगस्त को संतान सुख और समृद्धि के लिए करें ये खास उपाय

सूर्य षष्ठी व्रत 2025: 28 अगस्त को संतान सुख और समृद्धि के लिए करें ये खास उपाय
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सूर्य षष्ठी व्रत 2025 : संतान और समृद्धि की कामना का पर्व

हिंदू धर्म में सूर्य षष्ठी का व्रत बेहद पावन और फलदायी माना जाता है। यह पर्व हर साल सूर्य भगवान को समर्पित होता है और विशेष रूप से संतान सुख और परिवार की समृद्धि के लिए रखा जाता है। साल 2025 में सूर्य षष्ठी का व्रत 28 अगस्त, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु व्रत और पूजन के माध्यम से सूर्य देव की आराधना करते हैं और जीवन में सुख-शांति, संतान की लंबी आयु और घर-परिवार में समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

सूर्य षष्ठी व्रत का धार्मिक महत्व

शास्त्रों में सूर्य षष्ठी का व्रत करने से विशेष पुण्य प्राप्त होने का उल्लेख मिलता है। यह व्रत केवल साधारण पूजा नहीं बल्कि श्रद्धा और आस्था का एक माध्यम है, जो संतान की उन्नति, स्वास्थ्य और परिवार की तरक्की का मार्ग प्रशस्त करता है। मान्यता है कि इस दिन व्रती सूर्य देव को जल अर्पित कर, व्रत-पूजन विधिवत करें तो जीवन में आने वाली रुकावटें समाप्त हो जाती हैं।

सूर्य षष्ठी व्रत विधि

इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करें। व्रती व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन नियम और संयम का पालन करते हैं। पूजा के समय लाल फूल, गेहूं, गुड़, और तांबे के पात्र का विशेष महत्व है। व्रत करने वाले भक्त सूर्य मंत्रों का जाप कर अपनी संतान और परिवार की मंगलकामना करते हैं।

सूर्य षष्ठी के शुभ उपाय

1. सूर्य षष्ठी के दिन कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय करने से घर-परिवार में सुख-शांति और संतान की उन्नति होती है।

2. सुबह सूर्य को जल चढ़ाते समय लाल फूल और अक्षत मिलाएं।

3. गुड़ और गेहूं का दान करें, इससे संतान का स्वास्थ्य मजबूत होता है।

4. गरीब बच्चों को भोजन कराने से सूर्य देव की कृपा मिलती है।

5. लाल वस्त्र धारण करके सूर्य मंत्र "ॐ सूर्याय नमः" का जाप करें।

6. इन उपायों से जीवन में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मकता और समृद्धि का संचार होता है।

सूर्य षष्ठी का व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं बल्कि यह संतान और परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना का अवसर भी है। 28 अगस्त 2025 को किया गया यह व्रत व्रती को शक्ति, संबल और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है। जो भी भक्त इस दिन नियमपूर्वक सूर्य देव की उपासना करते हैं, उनके जीवन में खुशहाली और संतति की वृद्धि होती है।

यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।

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