Top
Home > राजनीति > स्‍लीपर फैक्‍ट्री में मजदूरों के साथ हुए हंगामा मामला, विधायक साधुचरण सहित 15 नामजद

स्‍लीपर फैक्‍ट्री में मजदूरों के साथ हुए हंगामा मामला, विधायक साधुचरण सहित 15 नामजद

स्‍लीपर फैक्‍ट्री में मजदूरों के साथ हुए हंगामा मामला, विधायक साधुचरण सहित 15 नामजद

चांडिल स्‍टेशन के समीप स्थित...Editor

चांडिल स्‍टेशन के समीप स्थित स्‍लीपर फैक्‍ट्री में मजदूरों के साथ शनिवार को हुए हंगामा मामले में ईचागढ़ के विधायक साधुचरण महतो सहित 15 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा नीमडीह थाने में दर्ज किया गया है। साथ ही इस मामले में ढाई सौ अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया हैत्र

इस संबंध में नीमडीह थाना प्रभारी लाल बिहारी प्रसाद ने बताया कि स्लीपर फैक्ट्री के उपेन्द्र सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर स्लीपर फैक्ट्री में ग्रामीण व मजदूरों द्वारा तोड़फोड़, मारपीट, छिनतई आदि के तहत विभिन्‍न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि स्लीपर फैक्ट्री के मैनेजर उपेन्द्र राय द्वारा उपलब्ध कराये गये सीसीटीवी फुटेज के अनुसार ग्रामीणों के साथ विधायक साधुचरण महतो पहुंचे तथा कंपनी के आफिस के बाहर अपने चार बॉडीगार्ड के साथ खडे़ थे। ग्रामीण महिलाएं कंपनी के अन्दर पहुंची।

इसके बाद वहां काम कर रहे मजदुरों के साथ मारपीट व तोडफ़ोड़ की गई। थाना प्रभारी ने कहा कि विधायक साधुचरण महतो द्वारा मारपीट किये जाने का कोई फुटेज उन्हें उपलब्ध नही कराया गया है। इधर, विधायक साधुचरण महतो ने कहा कि कंपनी प्रबंधन अपनी गलती को छुपाने के लिए गरीब मजदुरों पर आरोप लगा रहा है। मजदुरो की आवाज बंद नहीं होगी। चांडिल में काम करना है तो स्थानीय मजदुरो को काम पर लेना ही होगा।

2018 में मजदूरों को काम से निकालने से शुरू हुआ था विवाद

स्लीपर फैक्ट्री में कार्यरत करीब 200 मजदूरों को बिना नोटिस दिए 2018 के अक्टूबर माह में काम से निकाल दिया गया था। उनकी जगह ओडिशा से मजदूर लाकर काम कराने का आरोप लगाया जा रहा था। विगत वर्ष अक्टूबर माह का वेतन भी मजदुरों को नहीं दिया गया। इसी बात पर आक्रोशित मजदूरों ने स्लीपर फैक्ट्री में जाकर हंगामा मचाया और तोड़फोड़ की।

फिर काम पाने के लिए चक्‍कर लगा रहे थे मजदूर

2018 के अक्टुबर माह से चांडिल स्टेशन स्थित स्लीपर फैक्ट्री के स्थानीय मजदुर काम से निकाल दिए जाने की शिकायत कई बार प्रशासन से मजदूरों ने की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। विगत पांच माह से वे दोबारा काम पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं।

स्लीपर फैक्ट्री से निकाले जाने के बाद झामुमो नेता लालटु महतो, झामुमो की महिला नेता सविता महतो व सुखराम हेम्ब्रम से भी गुहार लगा चुके हैं। काम देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे मजदुरों को नीमडीह के जिला परिषद सदस्य अनीता पारित ने समर्थन किया। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में मजदूरों ने फरवरी में चांडिल के एसडीओ से मुलाकात की। इसके बाद भी काम पर वापस नहीं बुलाने पर मजदुरों ने शनिवार को स्लीपर फैक्ट्री में घुस हंगामा किया।

Tags:    
Share it
Top